मैं गरीब और निर्धन क्यों हूँ || एक गरीब और गौतम बुद्ध की कहानी

मैं गरीब और निर्धन क्यों हूँ  || एक गरीब और गौतम बुद्ध की कहानी

हमेशा दुखी रहने वाले लोग इस कहानी को अंत तक जरूर देखे। जो एक गरीब दुखी आदमी और भगवन गौतम बुद्ध के बीच की है। और इससे आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। नमस्कार दोस्तों आप देख रहे हो Mind Fresh In Hindi

मैं गरीब और निर्धन क्यों हूँ  || एक गरीब और गौतम बुद्ध की कहानी
मैं गरीब और निर्धन क्यों हूँ  || एक गरीब और गौतम बुद्ध की कहानी 

जैसा की आपने सुना ही होगा की जो पानी गतिशील होता है वही स्वच्छ और काम के लायक होता है। और जो रुका हुआ है वो कभी भी कीचड़ बन जाता है। इसलिए हमेशा गतिशील रहे इस बात को समझने के लिए मैं आज आपको एक गरीब आदमी और भगवान् गौतम बुद्ध की एक कहानी सुनाता हूँ।

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एक बार गौतम बुद्ध एक गांव में लोगो की धर्म सभा को सम्बोधित कर रहे थे और लोग वहां अपनी परेसानियों लेकर जाते है। और उनका हल लेकर ख़ुशी ख़ुशी लौटते। उसी गांव में सड़क के किनारे एक गरीब व्यक्ति बैठा रहता था। और धर्म सभा में जाने वाले लोगो को ध्यान से देखता रहता था।

उसको बड़ा ही आश्चर्य होता था जब वो देखता की लोग जब जाते तो है दुखी चेहरे के साथ। और जब आते है तो हस्ते हुए आते है। ये देखकर वो गरीब इंसान बहुत ही चकित हुआ। और उसने भी सोच लिया की क्यों न वो भी अपनी समस्या भगवान् गौतम बुद्ध के सामने रखे। इस विचार को मन में लिए हुए वो महात्मा बुद्ध के पास पहुंच जाता है।

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और वहां जाकर उस दुखी इंसान देखा की लोग पंक्ति में खड़े होकर अपनी समस्या बुद्ध को बता रहे है। और बुद्ध मुस्कुराते हुए सबकी समस्या हल कर रहे थे। जब उस गरीब दुखी आदमी की बारी आई तो उसने महात्मा बुद्ध को सबसे पहले परनाम किया और कहा। हे भगवन इस गांव में सभी लोग समृद्ध है और सब खुश भी है लेकिन मै ही क्यों गरीब और दुखी हूँ।

भगवान् बुद्ध मुस्कुराते हुए बोले की तुम गरीब और निर्धन इसलिए हो की आज तक तुमने किसी को कुछ नहीं दिया। आश्चर्य चकित होकर गरीब इंसान बोला की मेरे पास दुसरो को देने के लिए क्या होगा। मेरा तो खुद ही का गुजारा बड़ी मुश्किल से हो पाता है। लोगो से भीख मांगकर मै अपना पेट भरता हूँ।

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इस पर भगवन गौतम बुद्ध कुछ देर शांत रहे और फिर बोले की तुम बड़े अज्ञानी हो औरो को बाटने के लिए ईश्वर ने तुम्हे बहुत कुछ दिया है मुस्कराहट दी है, जिससे तुम लोगो के अंदर आशा का संचार पैदा कर सकते हो, मुँह से दो मीठे शब्द बोल सकते हो, दोनों हाथों से लोगो की हेल्प कर सकते हो।

ईश्वर ने ये तीन चीज जिसको दी है वो कभी भी गरीब और निर्धन नहीं हो सकता। निर्धनता का विचार इंसान के मन में होता है और ये एक भरम है इसको निकाल दो। ये सब सुनकर उस आदमी का चेहरा चमक उठा। क्योकि वो समझ गया की वो निर्धन नहीं है। और ना ही गरीब है भगवान् ने उसको बहुत कुछ दिया है जिसको बाटकर वो लोगो की मदद कर सकता है।

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तो इस कहानी से आप ये समझ गए होंगे की दुखी और गरीब होना एक भरम है। ना की वास्तविकता, आप जिस तरह की सोच रखते है वैसे ही बन जाते है। अगर आपके मन को दूसरों की मदद करके ख़ुशी मिलती है तो आप कभी भी निर्धन नहीं रहेंगे। और ना ही गरीब रहेंगे।

दोस्तों ये था एक निर्धन गरीब इंसान और भगवान् गौतम बुद्ध के बीच की एक कहानी। आपको आजकी ये कहानी कैसी लगी कमेंट बॉक्स में जरूर लिखना और अच्छी लगी हो तो लाइक कर देना। अगर आप इस तरह की ज्ञान भरी कहानियो में इंटरेस्ट रखते है तो हमारे चैनल Mind Fresh In Hindi को सब्सक्राइब भी कर सकते है।

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